दिल्ली देश की धड़कन ---- कल भी और आज भी। एक ऐसा सहर ---- जहाँ उम्मीदों के साथ सुरु होती है हर सुबह और सुकून से गुजरती है रातें । कई संस्क्रित्यों और धर्मों का मिलाजुला रूप रोशन करता है इस सहर की पाकीजगी और दिलेरी को । इसकी मिटटी में आज भी वही सोंधी सी खुसबू है जो बड़े ही इनायत से पेश करती है इसकी तहज़ीब को ।
भले ही वो चांदनी चौक की तंग गलियां हो या कनात पैलस की भागती दौड़ती जिंदगी । दिल्ली हमेसा से ही दिल वालों का सहर रही है ----- हर आनेजाने वालों का दिल खोल कर इश्त्क्बाल करती इस दिल्ली के जर्रे जर्रे में बसा है मुहबत का पैगाम और इतिहास की वो परतें जिसमें दबी पड़ी हैं ---- सहादत और रंजिस की वो ललकार --- जिसे खून की स्याही से नंगी तलवारों ने लिखा था। लेकिन तालीम और परंपरा की चादर ओढ़े ---- इस सहर के बगीचे में एक नहीं कई किस्म के फूल हैं --- जो अपनी खूबसूरती खुद ही बयां करते हैं । पर अफ़सोस ----- वक़्त की रफ़्तार ने दिल्ली की दरियादिली और भोलेपन को कई बार धोखा दिया है ---- फरेब किया है --- और सायद यही वजह है की यहाँ फुर्सत के पल बड़ी मुस्किल से तलासे जाते हैं ।
दिल्ली के इसी बदलते अंदाज़ मैं कारों की गिनती , फ्लाई ओवर , माल्स, मेट्रो और ऊँची ऊँची इमारतों के साथ
देह्सत के सायें में सांसे टिकाये सुबह की वो दस्तक है जिसे फक्र है अपने हुस्न पर और नाज़ है अपनी रूमानियत पर --- जो इसकी नई कहानियां लिख रहे हैं।
मगर इन सबके बीच --- कुछ ऐसी दास्तानें हैं --- जो हर साम की महफ़िल है और हर सन्नाटे की ख़ामोशी --- जिसमे छुपी है फकीर की क्क्बली और संत की वाणी ---- जो तमाम ख्वाहिसों के daman को थामें पूरी फिजा से कह रही है की ---- यह दिल वालों का सहर दिल्ली है --- दिल्ली है !!
Thursday, March 4, 2010
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WOW!!! Just dropped to say ki maja aaya padh ke. I had no idea that you can write so well. Well! Big things come in small packages.
ReplyDeletethans dear----- may god fullfil ur desire and give beautiful wife for long time .
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