दिल्ली देश की धड़कन ---- कल भी और आज भी। एक ऐसा सहर जहाँ उम्मीदों के साथ सुरु होती है हर सुबह और सुकून से गुजरती हैं रातें । कई संस्कृतियों और धर्मों का मिलाजुला रूप रोशन करता है इस सहर की पाकीजगी और दिलेरी को । इसकी मिटटी में आज भी वही सोंधी सी खुसबू है jo बड़े ही इनायत से पेश करती है इसकी तहज़ीब को ।
भले ही वो चांदनी चौक की तंग हर हर हर हर हो या कनात प्लेस की भागती दौड़ती जिंदिगी । दिल्ली हमेसा से ही दिल वालों का सहर रहा है। her
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