Wednesday, March 3, 2010

YEH JO DELHI HAI !!!

दिल्ली देश की धड़कन ---- कल भी और आज भी एक ऐसा सहर जहाँ उम्मीदों के साथ सुरु होती है हर सुबह और सुकून से गुजरती हैं रातें कई संस्कृतियों और धर्मों का मिलाजुला रूप रोशन करता है इस सहर की पाकीजगी और दिलेरी को इसकी मिटटी में आज भी वही सोंधी सी खुसबू है jo बड़े ही इनायत से पेश करती है इसकी तहज़ीब को

भले ही वो चांदनी चौक की तंग हर हर हर हर हो या कनात प्लेस की भागती दौड़ती जिंदिगी दिल्ली हमेसा से ही दिल वालों का सहर रहा है her

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